BPSC TRE 4.0 में महिलाओं का क्षितिज आरक्षण (horizontal reservation) वर्ग 1-5 और वर्ग 6-8 में 50% है, पर वर्ग 9-10 और वर्ग 11-12 में सिर्फ 35%। एक ही बहाली, एक ही विज्ञापन, दो अलग आंकड़े।
हर जगह 50% मान लेना महिला अभ्यर्थी की सबसे महंगी गलतियों में से एक है, खासकर प्राथमिकता क्रम भरते समय, क्योंकि वह क्रम शुल्क भरने के बाद बदला नहीं जा सकता।
लेवलवार आंकड़े
| वर्ग | कुल पद | महिला आरक्षण | महिला आरक्षण के पद |
|---|---|---|---|
| वर्ग 1-5 | 3,847 | 50% | 1,491 |
| वर्ग 6-8 | 8,563 | 50% | 2,569 |
| वर्ग 9-10 | 3,877 | 35% | 932 |
| वर्ग 11-12 | 16,101 | 35% | 2,571 |
ये पद लेवल के कुल में ही शामिल हैं, उसके ऊपर से नहीं जुड़ते। क्षितिज आरक्षण ऐसे ही काम करता है: आरक्षण के तहत चयनित महिला अपनी ही ऊर्ध्वाधर कोटि के अंदर गिनी जाती है।
वर्ग 6-8 को वर्ग 11-12 के सामने रखिए। वर्ग 11-12 में कुल पद लगभग दोगुने हैं, फिर भी महिला आरक्षण के आंकड़े पास-पास हैं, 2,569 के सामने 2,571। प्रतिशत का फर्क यही करता है।
यह लाभ असल में किसे मिलेगा
यहीं बहुत से अभ्यर्थियों तक गलत जानकारी पहुंची है। संकल्प ज्ञापांक 12575, दिनांक 09.07.2025 के आलोक में महिलाओं का क्षितिज आरक्षण सिर्फ बिहार राज्य की संपूर्ण रूप से मूल निवासी महिलाओं को है।
इस शर्त के अंदर यह लोगों की सोच से ज्यादा चौड़ा है। लाभ आरक्षित वर्ग के साथ-साथ गैर-आरक्षित वर्ग की महिलाओं को भी मिलेगा। बिहार की मूल निवासी सामान्य कोटि की महिला इस आरक्षण के अंदर है, बाहर नहीं।
बिहार के बाहर की महिला को यह नहीं मिलेगा, उसके अपने राज्य में उसकी कोटि चाहे जो हो।
32% वाली अलग अर्हतांक छूट
महिलाओं के लिए अर्हतांक की सीमा भी कम है, और यह भी मूल निवास से बंधी है।
| कोटि | न्यूनतम अर्हतांक | 150 में से |
|---|---|---|
| सामान्य | 40% | 60 |
| पिछड़ा वर्ग (BC) | 36.5% | लगभग 55 |
| अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) | 34% | 51 |
| SC / ST / महिला / दिव्यांग | 32% | 48 |
सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 15937, दिनांक 01.09.2026 के तहत 32% वाला आंकड़ा बिहार की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों पर लागू है। महिलाओं को 35% क्षितिज आरक्षण और दिव्यांगों को 4% क्षितिज आरक्षण भी इसी पत्र के तहत है।
यहीं EBC वाली पंक्ति भी देख लीजिए। इस विज्ञापन में वह 34% है, 36.5% नहीं, हालांकि कई वेबसाइटें आज भी दोनों को एक ही अंक पर दिखा रही हैं।
BCL: पिछड़े वर्गों की महिलाओं का अलग कॉलम
रिक्ति की टेबल में BCL नाम का एक कॉलम है, जो पिछड़े वर्गों की महिलाओं की ऊर्ध्वाधर कोटि है, कोटि कोड 06।
| वर्ग | BCL पद |
|---|---|
| वर्ग 1-5 | 165 |
| वर्ग 6-8 | 427 |
| वर्ग 9-10 | 204 |
| वर्ग 11-12 | 938 |
| कुल | 1,734 |
BCL ऊर्ध्वाधर कोटि है, UR या SC की तरह। 50% और 35% वाला महिला आरक्षण क्षितिज है, जो इन सब को काटकर चलता है। इसलिए पिछड़े वर्ग की महिला BCL में गिनी जाकर भी महिला क्षितिज आरक्षण के अंदर आ सकती है।
ऊर्ध्वाधर और क्षितिज: दोनों असल में कैसे जुड़ते हैं
इस बहाली का हर पद पहले किसी ऊर्ध्वाधर कोटि का होता है। मुख्य रिक्ति टेबल में यही बंटवारा दिखता है।
| वर्ग | UR | EWS | EBC | BC | SC | ST | BCL | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वर्ग 1-5 | 1335 | 261 | 401 | 395 | 1225 | 65 | 165 | 3,847 |
| वर्ग 6-8 | 2512 | 504 | 1689 | 982 | 2274 | 175 | 427 | 8,563 |
| वर्ग 9-10 | 1316 | 218 | 497 | 354 | 1203 | 85 | 204 | 3,877 |
| वर्ग 11-12 | 3852 | 743 | 3222 | 1704 | 5271 | 371 | 938 | 16,101 |
| कुल | 9,015 | 1,726 | 5,809 | 3,435 | 9,973 | 696 | 1,734 | 32,388 |
क्षितिज आरक्षण फिर इन कॉलमों को काटकर चलता है। यह नए पद नहीं बनाता; हर ऊर्ध्वाधर कोटि में पहले से बैठे पदों में से एक हिस्सा किसी खास समूह के लिए, यहां महिलाओं के लिए, आरक्षित कर देता है।
व्यावहारिक असर यह है कि महिला पहले अपनी ही ऊर्ध्वाधर कोटि के अंदर मुकाबला करती है। बिहार की मूल निवासी सामान्य कोटि की महिला UR कॉलम में गिनी जाती है, और महिला आरक्षण उन्हीं UR पदों का एक हिस्सा महिलाओं के लिए रखता है। उसे किसी अलग सूची में नहीं भेजा जाता।
इसीलिए वर्ग 11-12 का महिला आंकड़ा 2,571, 16,101 का एक टुकड़ा है, उसमें जोड़ा गया हिस्सा नहीं। यही तर्क 4% दिव्यांग आरक्षण, 2% स्वतंत्रता सेनानी वंशज आरक्षण और ट्रांसजेंडर आरक्षण पर भी लागू है।
अपना मैदान कैसे निकालें
एक ठोस उदाहरण लीजिए। बिहार की मूल निवासी EBC महिला, जो वर्ग 6-8 की अंग्रेजी के लिए आवेदन कर रही है, उसे एक नहीं, तीन संख्याएं पढ़नी चाहिए।
| संख्या | कहां से | इस उदाहरण में |
|---|---|---|
| विषय का कुल | वर्ग 6-8 अंग्रेजी | 1,929 पद |
| उसका श्रेणी कॉलम | वर्ग 6-8 अंग्रेजी में EBC | 382 पद |
| लेवल पर महिला आरक्षण | वर्ग 6-8 में 50% | अंग्रेजी के सामने 574 पद |
सुर्खी वाला 1,929 उसका मैदान नहीं है। उसका श्रेणी कॉलम और महिला आरक्षण उसका मैदान हैं, और सिर्फ कुल पढ़ने से ही अभ्यर्थियों को अपनी संभावना का बिल्कुल गलत अंदाजा होता है। विज्ञापन की हर विषय पंक्ति में यही ब्योरा मौजूद है।
ऊपर के उदाहरण पर एक चेतावनी। वर्ग 6-8 अंग्रेजी के सामने दिखा 574 का आंकड़ा विज्ञापन में उस विषय पंक्ति के लिए महिला आरक्षण का है, और वह सभी कोटियों पर फैला है, अकेले EBC के अंदर नहीं। इसे उस विषय में महिला मैदान के आकार की तरह पढ़िए, अपने 382 में जोड़ने वाली संख्या की तरह नहीं।
वह प्रमाणपत्र नियम जो सबसे ज्यादा फॉर्म रद्द कराता है
विवाहित महिला हैं तो यह दो बार पढ़िए। आपका जाति प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र और क्रीमीलेयर रहित प्रमाणपत्र पिता के नाम और पिता के स्थायी पते से निर्गत होना चाहिए, पति के नहीं।
EWS में एक परत और है। विवाहित महिला पति के साथ रहती हो तो आय प्रमाणपत्र पति के स्थायी निवास के अंचल से निर्गत होगा, पर उसे साथ में पिता के स्थायी निवास के आधार पर निर्गत आवास प्रमाणपत्र भी देना होगा, जिससे स्पष्ट हो कि वह बिहार की मूल निवासी है। EWS प्रमाणपत्र निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष तक मान्य रहता है।
बिहार की स्थायी निवासी अनारक्षित वर्ग की महिलाओं को भी सत्यापन के लिए पिता के नाम और पते से निर्गत स्थायी निवास प्रमाणपत्र चाहिए।
प्राथमिकता क्रम पर इसका क्या असर पड़ना चाहिए
TRE 4.0 में प्राथमिकता क्रम चरणबद्ध है। ऊपर की प्राथमिकता पर चयन होते ही नीचे का हर विकल्प स्वतः रद्द हो जाता है। इसलिए पहले नंबर पर रखा गया लेवल सिर्फ पदों की संख्या नहीं, आरक्षण के फर्क को भी ध्यान में रखे।
| आप जहां अर्हता रखती हैं | विचार कीजिए | क्योंकि |
|---|---|---|
| वर्ग 6-8 और वर्ग 1-5 दोनों | पहले वर्ग 6-8 | 8,563 पद, 50% आरक्षण, और 25,000 के मुकाबले 28,000 वेतन |
| वर्ग 11-12 और वर्ग 9-10 दोनों | पहले वर्ग 11-12 | 16,101 पद और 2,571 आरक्षित पद, जबकि दूसरी तरफ 3,877 और 932 |
| वर्ग 6-8 और वर्ग 11-12 दोनों | ध्यान से तौलिए | वर्ग 11-12 में वेतन और पद ज्यादा, पर आरक्षण 50% से घटकर 35% |
तीसरी पंक्ति सीधा जवाब नहीं, असली फैसला है। वर्ग 11-12 में कुल पद और वेतन दोनों ज्यादा हैं, जबकि वर्ग 6-8 छोटे पूल पर चौड़ा आरक्षण देता है। आपका विषय, आपकी डिग्री और आपका अपना श्रेणी कॉलम ही इसे तय करेंगे।
इस बहाली के बाकी क्षितिज आरक्षण
| समूह | आरक्षण | शर्त |
|---|---|---|
| महिला | वर्ग 1-5 और 6-8 में 50%, वर्ग 9-10 और 11-12 में 35% | बिहार की मूल निवासी, आरक्षित और अनारक्षित दोनों |
| दिव्यांग | 4% | बिहार के मूल निवासी बेंचमार्क दिव्यांगजन; बहुदिव्यांगता के दावे पर RPwD नियमावली 2017 का Form VI |
| स्वतंत्रता सेनानी के वंशज | 2% | केंद्र से पेंशन पाने वाले सेनानियों के पोता, पोती, नाती, नातिनी, विहित प्रपत्र में जिला पदाधिकारी के प्रमाणपत्र पर |
| ट्रांसजेंडर | क्षितिज आरक्षण | राज्य की पिछड़े वर्गों की सूची के क्रमांक 47 पर दर्ज, मूल निवास और सक्षम प्राधिकारी के प्रमाणपत्र के साथ |
40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले, तथा 40% से कम दिव्यांगता वाले वे अभ्यर्थी जो लिखने में असमर्थ हैं, श्रुतिलेखक एवं अन्य सुविधा का दावा कर सकते हैं, अनुसूची-I का प्रमाणपत्र और अनुसूची-II का शपथ पत्र लगाकर। ऑनलाइन फॉर्म में इसका कॉलम है और उसमें Yes करना अनिवार्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या BPSC TRE 4.0 में महिला आरक्षण 50% है?
वर्ग 1-5 और वर्ग 6-8 में हां। वर्ग 9-10 और वर्ग 11-12 में यह 35% है।
क्या बिहार के बाहर की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा?
नहीं। महिलाओं का क्षितिज आरक्षण सिर्फ बिहार राज्य की संपूर्ण रूप से मूल निवासी महिलाओं को है।
क्या सामान्य कोटि की महिलाओं को महिला आरक्षण मिलेगा?
हां, बशर्ते वे बिहार की मूल निवासी हों। यह लाभ आरक्षित वर्गों के साथ अनारक्षित महिलाओं को भी मिलता है।
महिलाओं के लिए अर्हतांक कितने हैं?
32%, यानी 150 में से 48 अंक, बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए।
विवाहित महिला के प्रमाणपत्र किसके नाम से हों?
पिता के नाम से। जाति, स्थायी निवास और क्रीमीलेयर रहित प्रमाणपत्र पिता के नाम और पिता के स्थायी पते से निर्गत होने चाहिए, पति के नहीं।
BCL कोटि क्या है?
BCL का मतलब पिछड़े वर्गों की महिलाएं है, कोटि कोड 06, जिसके चारों लेवल मिलाकर 1,734 पद हैं।
फॉर्म में ले जाने लायक दो संख्याएं
प्राथमिकता क्रम तय करने से पहले, जिन लेवल के लिए आप अर्हता रखती हैं उन सबका महिला आरक्षण आंकड़ा लिख लीजिए, और अपने विषय में अपनी श्रेणी की गिनती भी। यही दो संख्याएं मिलकर आपका असली मैदान हैं, और वे सुर्खी वाले कुल से अक्सर मेल नहीं खातीं।
उसके बाद कुछ भी अपलोड करने से पहले प्रमाणपत्रों पर नाम जांच लीजिए, क्योंकि पति के नाम वाला प्रमाणपत्र निर्गत करने वाले कार्यालय में ठीक होता है, सत्यापन की मेज पर नहीं। पूरी विषय टेबल हमारे विज्ञापन 15/2026 पेज पर है, और फॉर्म की प्रक्रिया अप्लाई ऑनलाइन गाइड में।